Banga Electronics

Kidszee

मनीष कुमार मोनू होंगे हापुड विधानसभा से बसपा प्रत्याशी

(हापुड विधानसभा-59 से बसपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद मनीष कुमार मोनू के समर्थक खुशी मनाते हुए)

(रिपोर्ट- नवीन गौतम/लक्ष्मण सिंह)
हापुड़। भाजपा व सपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों ही पार्टियों की सरकारों की कथनी और करनी में अंतर रहा है। जिसके चलते दोनों पार्टियों की सरकारों ने सभी वर्गो को धोखा देकर केवल और केवल ठगने का काम किया है। जिससे अब सभी वर्गों के लोग अपना सम्मान केवल बसपा में ही सुरक्षित समझ रहे है। 
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा शनिवार को नगर के रामलीला मैदान में आयोजित मंडल स्तरीय जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार के कार्यकालों को प्रदेश की जनता आज भी याद कर रही है। आज भाजपा सरकार में आरजकता चरम सीमा पर है। सभी वर्ग भाजपा सरकार में त्रस्त है। यह सरकार केवल उद्योगपतियों की सरकार रह गयी है। किसान, गरीब व मजदूर इस सरकार में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है। 
भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों के चलते आज प्रदेश की जनता पांचवीं बार बसपा सुप्रीमो बहन मायावती को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में किसान, नोजवान, गरीब व मजदूर का विकास संभव है। कांग्रेस, भाजपा व सपा ने तो केवल प्रदेश की जनता को धोखा देने का काम किया है। सपा सरकार दंगों की सरकार थी। जिसमें पूरे प्रदेश में 134 दंगे हुए। गुंडागर्दी चरम सीमा पर थी। अमरोहा से सांसद कुंवर दानिश अली ने भी भाजपा, कांग्रेस व सपा पर जमकर हमला बोला। 
इससे पूर्व श्री मिश्रा ने बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर बसपा के दो-दो बार के विधायक व नगरपालिका अध्यक्ष रहे स्वर्गीय धर्मपाल सिंह के पुत्र मनीष कुमार मोनू को हापुड़ सदर विधानसभा सीट से बसपा का प्रत्याशी घोषित करने की घोषणा की। जिस पर बसपा कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखने को मिला। वहीं मनीष कुमार मोनू के नाम से जनसभा में जमकर नारे भी लगे। मनीष कुमार मोनू पूर्व में हुए नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़े। चुनाव में मनीष कुमार मोनू क़रीब 27 हज़ार वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे। इस चुनाव में भाजपा के प्रफुल्ल सारस्वत ने जीत दर्ज की थी। इस मौके पर बसपा जिलाध्यक्ष देवेंन्द्र भारती, बामसेफ के पूर्व जिला संयोजक रविभूषण गौतम, अशोक आज़ाद, सुनील मंत्री, अशोक कुमार, देवेंन्द्र आढ़ती, पूर्व जिलाध्यक्ष आदेश कुमार गुड्डू, बबली केन, एके कर्दम, श्याम आढ़ती, वरिष्ठ नेता वरुण शर्मा, विनोद कर्दम, योगेंद्र कुमार धनोरा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।