रिपोर्ट- नवीन गौतम/लक्ष्मण सिंह/मौहम्मद हाशिम
हापुड़। बुलेट मोटरसाइकिल पर पटाखे बजाने वालों के लिए बुरी खबर है। ट्रैफिक पुलिस ने बुलेट से चलने वाले पटाखों को लेकर सख्त रवैया अपनाते हुए आदेश जारी किए हैं कि अगर सड़क पर कोई भी बुलेट सवार पटाखा मारता है तो उसके खिलाफ एफ.आई.आर. करवाई जाएगी।
इसके अलावा साइलेंसर के साथ छेडख़ानी करके और मॉडिफाई करने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी धारा 188, मोटर व्हीकल एक्ट, पब्लिक प्लेस पर लोगों को दहशत में डालने, गैर जमानती धाराओं अधीन केस दर्ज कर मुकद्दमा चलाया जाएगा।
बता दें कि ट्रैफिक पुलिस लगातार साइलेंसर के साथ छेडख़ानी करके और मॉडिफाई करने वालो पर कार्रवाई कर रही है। सोमवर को करीब 150 मॉडिफाई साइलेंसर पर बुलडोजर चलवा कर उन्हे नष्ट किया गया।
सीओ ट्रैफिक स्तुति सिंह ने बताया कि इन आदेशों को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए मुलाजिमों को हिदायतें जारी कर दी हैं। ट्रैफिक इंचार्जों को बुलेट मोटरसाइकिल पर फोकस रखने को कहा गया है कि अगर कोई बुलेट सवार पटाखे मारते निकलता दिखे तो उसे रोक कर तुरंत संबंधित थाने की पुलिस को मौके पर बुला कर उसके खिलाफ धारा 188 अधीन केस दर्ज करवाया जाए। इसके साथ बुलेट का चालान भी किया जाए।
जितनी बार बुलेट सवार पटाखे मारता धरा गया उतनी बार दर्ज होगा पर्चा
सीओ ट्रैफिक स्तुति सिंह ने बताया कि पहली बार चालान होने पर जुर्माना, दूसरी बार 10,000 और तीसरी बार लाइसेंस जब्त करके बुलेट को इंपाउंड किया जाएगा। इसके अलावा जितनी बार भी बुलेट से पटाखे बजाते अगर कोई धरा गया तो उतनी बार ही उसके खिलाफ धारा 188 अधीन केस दर्ज होगा।
यातायात प्रभारी छवि राम ने बताया कि बुलेट सवारों से ही उसके मोटरसाइकिल के मैकेनिक के बारे पूछ कर उसके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाए। उनके पास ऐसे भी प्रवाधान है जिसमें केस गैर जमानती होगा। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस भी उन मैकेनिकों व ऑटो कंपनियों पर नजर रखेगी जो बुलेट के साइलेंसर से छेडख़ानी करके मॉडिफाई करते हैं।
विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए होगी मुश्किल
पुलिस अधिकारियों की मानें तो बुलेट पर पटाखे मारने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स ही हैं। अगर किसी स्टूडेंट के खिलाफ केस दर्ज होता है तो वह ऑनलाइन शो होगा और अगर पुलिस से विदेश जाने से पहले ली जाने वाली एन.ओ.सी. में वही केस शो होता है तो विदेश जाने में काफी परेशानी होगी।
- एसपी अभिषेक वर्मा ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए वे भी अपने स्तर पर बच्चों को कह कर बुलेट से कंपनी से लगा हुआ आया साइलेंसर लगवाने को कहें, ताकि उनका भविष्य खराब न हो।



