रिपोर्ट - नवीन गौतम
हापुड़। गुरु नानक जयंती सिख धर्म के लोगों के लिए बहुत ही लोकप्रिय पर्व है, जिसे हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। गुरु नानक साहब को सिखों का पहला गुरु माना जाता है। नगर में नानक देव जी की 554वीं वर्षगांठ सोमवार मनाई गई। इस मौके पर अतर पुरा चौपला स्थित गुरुद्वारा कलगीधर सिंह में सीओ सिटी स्तुति सिंह को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।
बता दें कि गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन लोग गुरुद्वारे जाकर मत्था टेकते हैं और गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ करते हैं। साथ ही इस खास दिन पर गुरुद्वारे में भजन और कीर्तन और लंगर का विशेष आयोजन भी किया जाता है। आइये जानते हैं गुरु नानक जयंती से जुड़ी सभी जरूरी बातें।
नानक जी का जन्म 1469 को पंजाब के तलवंडी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। यह स्थान अब पाकिस्तान में है। इस जगह को ननकाना साहिब भी कहा जाता है। इनके पिता का नाम कल्याण चंद और माता का नाम तृप्ता था। 16 साल की नानक जी ने दौलत खान लोदी के अधीन काम करना शुरू किया। इसके बाद 24 सितंबर 1487 को इनका विवाह माता सुलक्कनी के साथ हुआ। नानक सिख धर्म के संस्थापक थे। गुरु नानक जी द्वारा 974 भजनों का योगदान दिया गया है। सिख धर्म के लोग अपने गुरु की जयंती कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाते हैं।


