हापुड़ में समय से पहले ही ठेके के पिछले दरवाजे से होने लगी ‘ब्लैक’ में शराब की बिक्री, आबकारी विभाग और पुलिस मौन!
हापुड़ में नियमों की धज्जियां उड़ा रहे शराब माफिया, वीडियो वायरल होने के बाद भी अधिकारी साधे हैं चुप्पी।
हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोदीनगर मोड़ के पास स्थित एक देसी शराब के ठेके पर नियमों को ताक पर रखकर समय से पूर्व ही अवैध रूप से ‘ब्लैक’ में शराब बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी अवैध गतिविधि का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग ठेके के पीछे वाले रास्ते से चोरी-छिपे शराब लेकर निकलते हुए साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मामले में संबंधित आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
तड़के ही लग जाती है शौकीनों की कतार
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मोदीनगर मोड़ स्थित इस देसी शराब के ठेके पर सरकारी निर्धारित समय से काफी पहले ही शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। अलसुबह जब आम लोग सोकर भी नहीं उठते, तब इस ठेके के पीछे का गुप्त दरवाजा खुल जाता है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह लोग सुबह-सुबह ठेके के पिछले रास्ते से देसी शराब खरीदकर बाहर निकल रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यहां तय दामों से अधिक वसूली (ओवररेटिंग) करके ‘ब्लैक’ में शराब बेची जा रही है।
"लोगों की जान से खिलवाड़, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना"
क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। एडवोकेट रोबिन कुमार का कहना है कि सुबह-सुबह अवैध रूप से शराब बिकने के कारण क्षेत्र का माहौल तो खराब हो ही रहा है, साथ ही बिना किसी जांच और समय-सीमा के बेची जा रही यह शराब लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। पूर्व में भी जहरीली या अवैध शराब के कारण कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन इस मामले को हल्के में ले रहा है।
आखिर क्यों मौन है प्रशासन?
वीडियो वायरल होने और मामला पूरी तरह से सार्वजनिक होने के बाद भी आबकारी विभाग के अधिकारियों और स्थानीय कोतवाली पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करना कई बड़े सवाल खड़े करता है।
सवाल नंबर 1: क्या आबकारी विभाग को इस अवैध बिक्री की भनक नहीं है, या जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?
सवाल नंबर 2: मोदीनगर मोड़ जैसे व्यस्त इलाके में सुबह-सुबह हो रही इस अवैध गतिविधि पर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी?
सवाल नंबर 3: नियमों का उल्लंघन करने वाले इस ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं शुरू हुई?
स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, वीडियो के आधार पर ठेके के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।


