रिपोर्ट- संजय कशयप
हापुड। त्यागी समाज के तत्वाधान में राम वाटिका में कर्तव्य बोध एवं समाज निर्माण पर संगोष्ठी रखी गई जिसमें त्यागी समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कवि विकास त्यागी ने भगवान परशुराम की पूजा करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ रामनिवास स्कूल के प्रबंधक श्री हरी राज त्यागी जी, अजय वंश नारायण त्यागी जी, नरेंद्र त्यागी जी,सुधीर त्यागी जी, गिरीश त्यागीजी, मुकेश त्यागीजी , ज्ञानेंद्र त्यागी जी के द्वारा दीप प्रज्वलित करके शुरू किया गया संगोष्ठी में भाग लेते हुए ज्ञानेंद्र त्यागी जी ने समाज को एकजुट होने एवं समाज निर्माण में हर व्यक्ति की सहभागिता पर बल दिया ।सुधीर त्यागी जी ने कहा कि समाज निर्माण में हर व्यक्ति को अपनी परंपरा में विश्वास करने और उसे अगली पीढ़ी को स्थानांतरित करने पर जोर दिया ।सुधीर त्यागी जी एडवोकेट धनोरा वाले ने कहा बचपन में ही बच्चों को कर्तव्य बोध का एहसास कराना चाहिए । राजकुमार त्यागी जी ने कहा समाज को इकट्ठा होना पड़ेगा और सही दिशा में चलना होगा। विजय कुमार त्यागी ने कहा कि हमें अपने रीति रिवाज, प्रथा, शिक्षा ,संस्कृति के प्रति जागरूक होना पड़ेगा नहीं तो वह दिन दूर नहीं कि जब हम दूसरे समाज की कठपुतली बनकर रह जाएंगे। हमें गर्व है कि हम हिंदू हैं और उससे भी ज्यादा गर्व है कि हम त्यागी हैं और यह त्यागी नाम हमें भगवान परशुराम जी ने दिया है त्यागी टाइटल के प्रति हम सबको अपने कर्तव्य का बोध होना चाहिए।इसकी रक्षा हम सब को करनी पड़ेगी। संगोष्ठी में प्रशांत त्यागी जी ने कहा कि गांव-गांव हमें संगोष्ठी करनी होगी और लोगों को एकजुट करना होगा। सुमित त्यागी जी ने कहा कि समाज बिखरा हुआ है संघर्ष में भी दिखाई नहीं देता। ऐसे समय में समाज को एक अच्छे संगठन की आवश्यकता है जो समाज को एक दिशा दे सके। मयंक त्यागी ,संजय त्यागी ,नूतन प्रकाश त्यागी ,अनुज त्यागी, सील त्यागी ,तारेश त्यागी, मुकेश त्यागी ,अरविंद त्यागी ,विजय त्यागी( विद्यानगर वाले) और धर्मवीर त्यागी आदि लोगों ने संगोष्ठी में अपने विचार प्रस्तुत किए।


