रिपोर्ट- लक्ष्मण सिंह
कहीं महबूब से प्यारा कहीं अभिमान है भारत राष्ट्रीय संगठन मंत्री वरिष्ठ कवि अशोक गोयल
भारत माता अभिनंदन संगठन द्वारा दिनांक 26.12.2021 को बाल बलिदान दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से रचनाकारों ने भाग लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता डा.मोहन सिंह कुशवाहा ने की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी,शिव शक्ति धाम, डासना ने सभी रचनाकारों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया तथा अपने यहां डासना में कवि सम्मेलन करने का निमंत्रण दिया।
जिसको भारत माता अभिनंदन संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पिलखुवा के वरिष्ठ कवि व कार्यक्रम संयोजक श्री अशोक गोयल जी ने सहर्षता के साथ स्वीकार किया।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डा.गोविंद नारायण शांडिल्य द्वारा कार्यक्रम का संचालन भी किया गया। ऑन लाइन चले इस कार्यक्रम में लगभग 100से ज्यादा रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ गाजियाबाद की वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती स्नेह लता भारती ने सरस्वती वंदना कार्यक्रम कीअध्यक्षता कर रहे डा.मोहन सिंह कुशवाहा ने पढ़ा_अमर शहीदों को नमन कीजिए,खुशहाल अपना वतन
कीजिए।कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ कवि एवम साहित्यकार कवि अशोक गोयल ने पढ़ा__कहीं महबूब से प्यारा कहीं अभिमान है भारत ,भगत
अशफाक जैसों को धर्म ईमान है भारत दीवाने इश्क में इसके मिटे जाते हैं हंस-हंसकर, इसे तुम मुल्क कहते हो हमारी जान है भारत। कानपुर से डा.गोविंद नारायण जीनेपढ़ा__अब तो नीरे कपूतन की बलिहारी हो गई,देख उन्हें भारत मईया दुखियारी हो गई। संगठन के उत्तर प्रदेश प्रांत के प्रदेश संगठन मंत्री हापुड़ के वरिष्ठ कवि दिनेश त्यागी ने बाल बलिदान दिवस को सार्थक करते हुए पढ़ा_दीवारों में चिन गए,जिनके दो दो पूत।इस धरा पर आए थे,बनकर वो अवधूत।।महुआ वैशाली बिहार से प्रीतम कुमार झा ने पढ़ा_गोविंद जी की धरती,चर्चे वीर जवान के।आओ मैं सुनाऊं किस्से बलिदान के।।मुरादाबाद से डा.अर्चना गुप्ता ने पढ़ा_जिस की माटी चंदन जैसी, जन गण मन है गान। जग में सबसे प्यारा वो है, अपना हिंदुस्तान
पिलखुवा की वरिष्ठ कवियित्री बीना गोयल ने पढ़ा_ राष्ट्रीय अर्चन ही हमारा कर्म हो सौगंध खाए,आओ निज मिल देश को हम स्वर्ग सा सुंदर बनाएं ।
मथुरा से रवेंद्र पाल रसिक ने पढ़ा_शहीदों के लहू की दीप्ति से दिनमान जिंदा है।शहीदों से समूचे राष्ट्र का सम्मान जिंदा है।। कार्यक्रम में कवि हरिओम भारतीय,सुल्तानपुर से कवि हरिनाथ शुक्ल,मथुरा से कवि कृष्ण भारद्वाज,मेरठ से कवयित्री ऊषासरगमतेलंगाना,आंध्रप्रदेश ,तमिलनाडु,झारखंड,महाराष्ट्र,गुजरात,मध्यप्रदेश,उत्तराखंड आदि राज्यों से कवियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।


