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हापुड : (लापरवाही) हादसे को दावत देते नगर में दौड़ते बिना नम्बर के ई-रिक्शा, विभाग को हादसे का इंतजार


- बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे ई-रिक्शा, ट्रैफिक-प्रशासन-आरटीओ, बेखबर
 - ई-रिक्शा के न तो रजिस्ट्रेशन और न ही नंबर प्लेट

(रिपोर्ट- नवीन गौतम)

हापुड। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे ई-रिक्शा। जिला प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार है। बता दें कि पहले भी अन्य जगहों पर ई-रिक्शा चालक हादसा कर फरार हो जाते है। बिना नम्बर के उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता हैं। 
जिसके बाद भी नगर में चारो तरफ दौड़ते दर्जनों ई-रिक्शा के न तो रजिस्ट्रेशन और न ही नंबर प्लेट मिले। जिससे लगता है कि हापुड ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग को किसी हादसे का इंतजार है। या फिर कहे कि बिना नम्बर प्लेट ई-रिक्शा चालकों के सामने कार्यवाही करने में ट्रैफिक व परिवहन विभाग बोना साबित हो रहा है।
 बता दें कि जनपद में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ई-रिक्शा परिवहन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाते देखे जा सकते हैं। यहां आलम यह है कि बिना नंबर प्लेट के रिक्शा चलाए जा रहे हैं। जिन पर न तो ट्रैफिक  अधिकारियों का ध्यान जाता है और न ही परिवहन विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान देते हैं। ऐसी खामियों को लेकर हमने ने सोमवार को सीरीज शुरू की, जिसमें ई-रिक्शा का पंजीकरण ना करने वालों से लेकर, नंबर प्लेट ना होना, नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाना आदि पर स्टोरी की जा रही है।
हापुड नगर के तहसील चौराहा, बुलन्दशहर रोड व मेरठ तिराहा, गढ़ रोड पर दर्जनों ऐसे ई-रिक्शा हैं, जिनका न तो रजिस्ट्रेशन है और न ही नंबर प्लेट। ये ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर की तमाम गलियों में गुजरते हैं। हापुड नगर में 1000 से ज्यादा ई-रिक्शा दिनभर दौड़ते हैं। शहर की टूटी सड़कों को दौड़ने के कारण ज्यादातर ई-रिक्शा अनफिट हो चुके हैं। ऐसे में विभाग की लापरवाही है कि इनको चलाने के लिए कोई फिटनेस सर्टिफिकेट भी जारी नहीं हुआ है। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस ने नवम्बर महीने में अपने टारगेट पूरे करने के हजारों वाहनों के लाखों रुपये के चालान काटे। परंतु इस दौरान कुछ ही ई-रिक्शा के चालान किये गए।
 स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस-आरटीओ विभाग की अनदेखी के कारण ही सड़कों पर बिना नम्बर के ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। जो कि एक हादसे को न्योता देते नजर आ रहे हैं। ई-रिक्शा पर नंबर प्लेट ना होने से इनके पंजीकरण पर भी संशय खड़ा करता है। चूंकि कंपनी से ई-रिक्शा निकालने पर वहां पर कागजात पंजीकरण के लिए मिलता है, जबकि नंबर आरटीओ से पंजीकरण करवाने के बाद ही मिल पाता है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कई बार ई-रिक्शा चालक नंबर ही इश्यू नहीं करवाते हैं और कई बार नंबर प्लेट नहीं लगाते हैं। ऐसे लापरवाह चालकों-मालिकों पर विभाग कार्रवाई कर सकता है।

-  ई-रिक्शाओ पर पहले भी चालान कर कार्यवाही की गई हैं। पंजीकरण और नंबर प्लेट ना होने की स्थिति में परिवहन विभाग से इनके पंजीकरण की लिस्ट लेकर जांच की जाएगी। इसके बाद चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।

वैभव पांडे (यातायात सीओ)
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-  गाड़ी का नंबर पंजीकरण कराने के साथ ही नम्बर इश्यू किया जाता है। यदि ऐसा है तो इनके पंजीकरण को भी जांचा जाएगा। जल्द ही ई-रिक्शा के पंजीकरण को जांचने का काम किया जाएगा।

महेश शर्मा (एआरटीओ)