- मृतक के पिता समेत तीन आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने लगाई थी चार्जशीट
- 21 जुलाई 2020 को थाना सिंभावली क्षेत्र के माधापुर-औरंगाबाद मार्ग पर मिला था युवक का शव
Report by- Naveen gautam
हापुड़। खाकी अपने अजब-गजब कारनामों के लिए मशहूर है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। जहां पुत्र की हत्या की तहरीर देने वाले एक पिता को ही खाकी ने हत्यारा बना दिया। युवक के पिता समेत तीन आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में हत्या की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी। लेकिन, न्यायालय ने तीनों आरोपितों को बरी कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर जनपद पुलिस को अपने कारनामों से भी पर्दा हट गया है।
अधिवक्ता रमेश चंद्रा ने बताया कि 22 जुलाई 2020 को जनपद गाजियाबाद के थाना टीला मोड क्षेत्र के डिफेंस कालोनी भोपुरा निवासी कमल चंद तोमर को थाना सिंभावली पुलिस ने सूचना दी कि उनके पुत्र ऋषभ तोमर का शव माधापुर-औरंगाबाद मार्ग पर मिला है। सूचना पर वह थाने पहुंचे और पुत्र की हत्या का आरोप लगा तहरीर दी थी। तहरीर में पीड़ित ने बताया था 21 जुलाई की रात पुत्र कार में सवार होकर घर से गया था। अज्ञात आरोपितों ने धारदार हथियार से वार कर पुत्र की हत्या की है।
मुकदमे की विवेचना कर रहे दारोगा ने कमलचंद समेत जनपद गाजियाबाद के थाना टीला मोड क्षेत्र के इंद्रप्रस्थ कालोनी निवासी कमलपाल उर्फ सन्नी और थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के न्यू भीमनगर निवासी प्रमोद को ऋषभ का हत्यारा बना दिया था। विवेचक ने तीनों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायालय में मुकदमे के साक्ष्य और गवाहों की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससी एसटी उमाकांत जिंदल ने तीनों आरोपितों को आरोपित मुक्त करते हुए बरी करने के आदेश जारी किए हैं।
-----
विवेचक ने मनमर्जी दर्ज किए बयान, फर्जी पते से दिखाई गिरफ्तार-
- अधिवक्ता ने बताया कि ऋषभ के पिता समेत तीनों लोगों को आरोपित बनाने के बाद मुकदमे के विवेचक ने मनमाने ढंग से उनके बयान दर्ज किए थे। इतना ही नहीं पुलिस फर्द में गलत पते से गिरफ्तारी और उनसे बरामद हुए रुपयों और अन्य चीजों का विवरण दर्ज किया था।


