हल्द्वानी। पीएसीएस परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने राज्य लोक सेवा आयोग पर परीक्षा के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। अपनी मांगों को लेकर वह विधायक सुमित हृदयेश से मिले और उन्होंने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनियमितता बरती जा रही हैं। राज्य की सर्वोच्च परीक्षा के संदर्भ में यह आयोग द्वारा युवाओं के साथ किये गए घिनौने मजाक जैसा है अभ्यर्थियों ने कहा कि पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा में उतराखंड राज्य गठन वाले प्रश्न पर आयोग द्वारा उत्तर कुंजी पर गलत उत्तर को मान्यता देने से सैकड़ों अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में बैठने से वंचित हुए हैं। ऐसे में जिन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली जिसमें आयोग को अपना उत्तर सही करने का निर्देश माननीय उच्च न्यायालय ने दिया किंतु आयोग ने इस संदर्भ में तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया है ऐसे में इन अभ्यर्थियों के भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आगामी पीसीएस मुख्य परीक्षा की तिथि 20 अगस्त से उतराखंड राज्य के अधिकांश अभ्यर्थियों को काफी नुकसान हो रहा है, मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु सिर्फ 2.5 महीने दिए गए हैं जबकि परीक्षा पिछले 5 साल में पहली बार हो रही है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उतराखंड जैसे छोटे राज्य में पीसीएस परीक्षा 5 साल में एक ही बार हो पाती है सिर्फ 2-3 महीने में प्रीलिम्स की तैयारी तो सम्भव थी लेकिन मुख्य परीक्षा के लिए इतना कम समय अभ्यर्थियों के लिए अन्याय है। इसका सीधा फायदा अन्य राज्य के परीक्षार्थियों को होगा।


