- समिति के पदाधिकारियों ने रामलीला के मंचन को बंद कराने की दी चेतावनी, एसपी के आश्वासन के बाद शुरु कराया गया मंचन
रिपोर्ट- नवीन गौतम/ शिवकुमार रावत
हापुड। रामलीला मैदान में दशहरा मेले में चल रहे वैराइटी शो में युवतियों के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद। पुलिस ने मामला संज्ञान में लेते हुए श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और आयोजकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
कार्रवाई से भड़के पदाधिकारियों ने रामलीला मंचन बंद करने की घोषणा कर दी। हालांकि एसपी ने राहत का आश्वासन दिया। जिसके बाद शुक्रवार को मंचन कराया गया।
बता दें कि कोविड-19 संक्रमण के दो साल बाद इस बार श्री रामलीला का मंचन हो रहा है। ऐसे में रामलीला समिति ने मेले को भव्य बनाने की पूरी तैयारी की है। दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला के मंचन के अलावा बच्चों के लिए झूले, सर्कस, काला जादू, मौत का कुआं, खाद्य पदार्थों के अलावा खिलौने और नौटंकी शो के नाम से पंडाल लगे हुए हैं।
लेकिन मेले में बगैर पुलिस-प्रशासन की अनुमति के युवतियों का डांस कराया जा रहा था। बृहस्पतिवार को युवतियों का डांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जानकारी पर जांच कराई गई तो मौके पर युवतियों का डांस होता पाया गया। जिसके बाद रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और आयोजकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
शुक्रवार सुबह जैसे ही रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को मुकदमे के संबंध में जानकारी मिली तो उनमें रोष व्याप्त हो गया। दोपहर के समय पदाधिकारी एकत्र होकर कोतवाली पहुंच गए और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुकदमा वापस न लेने पर रामलीला का मंचन रोकने की चेतावनी दी गई।
रामलीला के प्रधान रविंद्र गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में एसपी से भी बात की गई। एसपी ने मामले में राहत का आश्वासन दिया है। आश्वासन पर शुक्रवार को रामलीला का मंचन जारी रहेगा। मुकदमा वापस नहीं होता है तो मंचन को बंद किया जाएगा।
बोले एसपी .......
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि मेले में बगैर अनुमति के युवतियों का डांस कराया जा रहा था। इसको लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई है, जिसकी जांच की जा रही है। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों से रामलीला का मंचन न रोके जाने को लेकर भी वार्ता हो गई है।
क्या बोले समिति के पदाधिकारी.......
श्रीराम लीला समिति के सरंक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल आज़ाद ने बताया कि समिति द्वारा किसी प्रकार का नृत्य शो न लगवाया गया न ही लगवाने की कोई परमिशन नही दी गई है। हर साल रामलीला समिति द्वारा मेले का ठेका छोड़ा जाता हैं। जिसके बाद समिति द्वारा किसी प्रकार का सर्कस, झूले, जादू आदि में हस्तक्षेप नही होता। श्रीराम लीला मेले में युवतीयो द्वारा नृत्य करना शर्मनाक है, जिसकी जिम्मेदारी ठेकेदार या पंडाल स्वामी की होती हैं। समिति के लोगो पर मुकदमा दर्ज करने का कोई औचित्य नहीं होता। मामले में हापुड एसपी से समिति के लोगो ने वार्ता की है मुकदमा वापस नहीं होता है तो मंचन को बंद किया जाएगा।


