गांधीनगर की अदालत ने सुनाई सजा, नाबालिग से दुष्कर्म में पहले से ही काट रहा आजीवन कारावास
अहमदाबाद। आसाराम को अपनी शिष्या से दुष्कर्म करने के एक और मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आसाराम नाबालिग से दुष्कर्म के वर्ष 2013 के एक मामले में जोधपुर जेल में पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
गांधीनगर के सत्र न्यायाधीश डीके सोनी ने दस साल पुराने मामले में आसाराम को मंगलवार को सजा सुनाई। वीडियो लिंक के जरिये कोर्ट में पेश आसाराम पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने उसे सोमवार को दोषी करार दिया था।
सूरत की शिष्या ने दस साल पहले किया था केस
सूरत की शिष्या ने 2013 में आरोप लगाया था कि आसाराम ने अहमदाबाद के पास मोटेरा स्थित आश्रम में 2001 से 2006 तक कई बार उसका शोषण किया। कोर्ट ने आसाराम को दुष्कर्म समेत कई धाराओं में सोमवार को दोषी ठहराया था। दुष्कर्म व अप्राकृतिक अपराध के अलावा आसाराम को अन्य धाराओं में एक-एक साल सजा के साथ मामूली जुर्माना लगाया गया है।
बेटा पहले से ही काट रहा सजा : पीड़िता की बहन से दुष्कर्म और बंदी बनाने के मामले में आसाराम के बेटे नारायण साईं को सूरत की सत्र अदालत ने अप्रैल 2019 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।



