- महापुरुषों व वरिष्ठ नेताओं की फोटों होर्डिंग पर न होने पर भड़के जिला उपाध्यक्ष, सौंपा इस्तीफ़ा
रिपोर्ट- नवीन गौतम/मौहम्मद हाशिम
हापुड़। फ्री गंज रोड स्थित सपा कार्यालय पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 50वां जन्मदिन जनकल्याण दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने केक काटकर एक दूसरे को खिलाया और सपा अध्यक्ष के जीवन पर अपने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री भूषण त्यागी, वरिष्ठ नेता राकेश यादव, रविंद्र चौधरी व जिलाध्यक्ष बबलू गुर्जर, जिला उपाध्यक्ष पदम सिंह, जिला महासचिव एडवोकेट बिलाल सैफी, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र जाखड़, वरिष्ठ नेता संजय यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी दीर्घायु की ईश्वर से कामना की।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष साजिद चौधरी, रूपेश पंडित, कुंवरपाल यादव, गढ़ पूर्व चेयरमैन गफ्फार खां, याद इलाही कुरैशी, वाहिद चौधरी, मंजीत चौधरी, साजदा बेगम, पुरुषोत्तम वर्मा, फारूक प्रधान, संजय गहलौत, जहीर पहलवान, ललित बाबा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वर्गीय राममनोहर लोहिया, नेताजी मुलायम सिंह यादव की होर्डिंग पर फ़ोटो न होने पर भड़के जिला उपाध्यक्ष
हापुड़। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन कार्यक्रम में बोलते हुए जिला उपाध्यक्ष पदम सिंह होर्डिंग पर स्वर्गीय राम मनोहर लोहिया व स्वर्गीय नेताजी मुलायम सिंह यादव व वरिष्ठ नेताओं की फ़ोटो न होने पर भड़क उठे। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ता अपने अपने होर्डिंग बनवाकर पार्टी के ग्रुपों में भेजते रहते है, जिनमें महापुरुषों के साथ साथ वरिष्ठ नेताओं के फोटों नहीं लगे है। इन कार्यकर्ताओं की नजर में उन महापुरूषों व वरिष्ठ नेताओं की शायद कोई कीमत नहीं है। वहीं जनपद के इकलौते पूर्व विधायक असलम चौधरी की भी फोटों होर्डिंग से नदारद है। जिले के संगठन में कोई प्रोटोकॉल दिखाई नहीं पड़ रहा है, जिले के पार्टी के ग्रुपों में पार्टी का मखौल बनाया जा रहा है। इतना सब कुछ देखते हुए जिले का पूरा संगठन मौन बैठा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस जिले के संगठन में महापुरुषों व वरिष्ठ नेताओं का सम्मान न हो ऐसे संगठन में काम करने का कोई ओचित्य नहीं बनता है। वह हमेशा समाजवादी थे और हमेशा रहेंगे कहते हुए उन्होंने अपना इस्तीफ़ा वरिष्ठ नेताओं को सौंप दिया है। जिला उपाध्यक्ष की इस बात पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी सहमति जताते हुए उनका समर्थन किया और ऐसा करने वालों का विरोध कर हंगामा किया। वरिष्ठ नेताओं के काफ़ी समझने के बाद यह मामला शांत हुआ।


