राहुल गांधी की सजा पर रोक लगने से कांग्रेसी हुए गदगद
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नफरत की सियासत पर बताया गहरी चोट
रिपोर्ट - इमरान अली
गढ़मुक्तेश्वर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहुल गांधी की सजा पर लगाई गई रोक को नफरत की सियासत पर गहरी चोट बताते हुए कांग्रेसियों ने जगह जगह मिठाईयां भागते हुए जमकर जश्न मनाया।
गुजरात के सूरत कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर मोदी सरनेम मानहानि के केस में सुनाई गई सजा पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को रोक लगा दी गई है, जिससे राहुल गांधी की संसद सदस्यता भी पुनः बहाल होनी तय हो गई है। इस खबर के आते ही कांग्रेसियों में चारों तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। गढ़मुक्तेश्वर के प्राचीन मीरा रेती मैदान में वरिष्ठ नेता डॉक्टर फराइम के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटते हुए राहुल गांधी की सजा पर लगी रोक का जोरदार स्वागत किया। डॉ फराहईम ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से देश में भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा फैलाई जा रही नफरत की राजनीति पर करारी चोट पहुंची है, जिसका परिणाम भाजपा को आगामी लोकसभा और कई राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अवश्य की शिकस्त के रूप में भुगतना पड़ेगा। प्रदेश सचिव डॉक्टर शोएब और जिला अध्यक्ष मिथुन सुबोध त्यागी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के जनहित से जुड़े सवालों से डरकर साजिश रचते हुए उनकी संसद सदस्यता ख़त्म करवा दी थी, लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाकर देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला मोदी सरकार की तानाशाही के ख़िलाफ़ देश को बेहतर कल की उम्मीद देने वाला है। मोदी सरकार ने सिर्फ मोदी-अडानी रिश्ते और अडानी ग्रुप के पास शेल कंपनियों से आए बीस हजार करोड़ रूपए पर सवाल पूछने पर राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म कराई थी, लेकिन अब जब राहुल गांधी वापस संसद में जायेंगे तो नरेंद्र मोदी को उनके हर सवाल का जवाब देना होगा। नगर अध्यक्ष राकेश मोहन शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले आया यह फैसला मोदी सरकार के जाने का प्रतीक है और राहुल गांधी ही 2024 में देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। इस मौके पर हाफिज बदरुद्दीन दानिश, सलीम सलमानी, मुस्तफा शेख, पप्पू कुरैशी, राजेश कुमार, वीर सिंह, अनिल, सुमित, इकराम राइन, सम्मू, विनोद, अजय समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।


