- अपना आन्दोलन चरणबद्ध तरीके से शान्तिपूर्ण ढंग से जारी रखेंगे : शिवकिशोर गौड़
- 05 सितम्बर को सभी जिलों के अधिवक्ता गण शान्तिपूर्ण ढंग से मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश व पुलिस महानिदेशक का पुतला फूकेंगे।
- जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक हापुड़ का अविलम्ब स्थानान्तरण की मांग।
रिपोर्ट - नवीन गौतम/ मौहम्मद हाशिम
हापुड़। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ ने प्रेस नोट जारी करते हुऐ बताया कि कि हापुड़ जिले में निहत्थे अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज करने तथा शासन व प्रशासन द्वारा उस पर कोई प्रभावी कार्यवाही न किये जाने के परिप्रेक्ष्य में आज दिनांक 03.09.2023 को अपराह्न 03:00 बजे बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा वर्चुअल आपात बैठक आहूत की गयी।
बैठक में सर्वसम्मति से निश्चय किया गया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा दी गयी हड़ताल का आवाहन जारी रहेगा। इस सम्बन्ध में यह भी निश्चय किया गया कि सदस्य सचिव महोदय माननीय मुख्यमंत्री महोदय को एक पत्र भेंजे कि वह बार काउंसिल के माननीय सदस्यों से मुलाकात हेतु 48 घंटे के अन्दर समय दें, ताकि अधिवक्ताओं की समस्याओं से अवगत हो सकें।
यह भी निश्चय किया गया कि हम अपना आन्दोलन चरणबद्ध तरीके से शान्तिपूर्ण ढंग से जारी रखेंगे जिसके लिये निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिये जाते हैं।
दिनांक 04.09.2023 को प्रातः 11:30 बजे सभी जिला, तहसील व मुंसिफ के अध्यक्ष / मंत्री व अधिवक्ता गण जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी को नीचे दिये गये मांगो को समायोजित करते हुए शान्तिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देंगे और कचेहरी प्रांगण में ज्ञापन देने के पश्चात् शान्तिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे रहेंगे। दिनांक 05.09.2023 को सभी अधिवक्ता गण शान्तिपूर्ण ढंग से मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश व पुलिस महानिदेशक का पुतला कचेहरी परिसर के अन्दर फूकेंगे। इस बात का विशेष ध्यान रखा जायेगा कि यह सारे कार्य शान्तिपूर्ण ढंग से हो, कोई भी अधिवक्ता नियम विरूद्ध कोई कार्य नहीं करेगा। सदस्य सचिव, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा भेजे गये पत्र का जैसे ही जवाब आता है, उसके बाद आगे क्या रणनीति तय की जायेगी, इस पर पुनः विचार दिनांक 06.09.2023 की वर्चुअल आपात बैठक जो अपराह्न 03:00 बजे आहूत होगी, में किया जायेगा तथा दिनांक 06.09.2023 को भी हमारी हड़ताल जारी रहेगी।
प्रमुख मांगे -
1. जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक हापुड़ का अविलम्ब स्थानान्तरण ।
2. दोषी पुलिस कर्मियों जिन्होंने बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज किया है तथा महिला अधिवक्ताओं को भी पीटने का कार्य किया है, पर मुकदमा दर्ज हो।
3. प्रदेश भर में अधिवक्ताओं के विरूद्ध पुलिस ने मनगढन्त झूठी कहानी बनाकर जो मुकदमें दर्ज किये हैं, उन्हें वापस (स्पंज ) किया जाये ।
4. एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट पारित कर तुरन्त प्रदेश में लागू किया जाये।
5. हापुड़ के घायल अधिवक्ताओं को तुरन्त मुआवजा दिया जाये।
यह भी निश्चय किया गया कि प्रदेश के सभी अधिवक्ता अनुशासन में रहते हुए शान्तिपूर्ण ढंग से आन्दोलन करेंगे और कलमबंद हड़ताल रहेगी। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि अधिवक्ताओं का हथियार उनकी कलम है न कि लाठी-डंडा।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश आशा करती है कि प्रदेश के सभी अधिवक्ता संयम बरतते हुए अनुशासित रहकर आन्दोलन करेंगे।


