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हापुड : सब रजिस्ट्री कार्यालय में तीसरे दिन भी रही तालाबन्दी, नहीं हुए बेनामें दोषी पुलिस कर्मियों पर कठोर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी


सब रजिस्ट्री कार्यालय में तीसरे दिन भी रही तालाबन्दी, नहीं हुए बेनामें

दोषी पुलिस कर्मियों पर कठोर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की दी चेतावनी

रिपोर्ट - इमरान अली/परवेज़ अली 
गढ़मुक्तेश्वर। हापुड़ में पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किए जाने की घटना के विरोध में गढ़ के दर्जनों अधिवक्ता एकजुटता के नारे लगाते हुए हापुड़ को रवाना हो गए। सब रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी होने से तीसरे दिन भी बैनामों का कार्य पूरी तरह ठप रहा।
गाजियाबाद में वकालत करने वाली हापुड़ की महिला अधिवक्ता प्रियंका त्यागी और उनके पिता को पुलिसकर्मी से अभद्रता किए जाने के मामले में हापुड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसको लेकर पूर्व अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में वार्ता करने पहुंचे अधिवक्ताओं से भी पुलिस ने अभद्रता कर दी थी। इसके विरोध में बुधवार को तहसील चौराहे पर जाम लगाते समय झड़प होने पर पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज कर दिया था। इस घटना में अधिवक्ताओं समेत कई पुलिसकर्मियों को भी चोट आई थी, परंतु पुलिस ने एक तरफा कार्यवाही करते हुए सैकड़ो अधिवक्ताओं के विरुद्ध तीन अलग अलग रिपोर्ट दर्ज कर दी हैं। जिसके विरोध में पश्चिम उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट बैंक संघर्ष समिति ने 21 जनपदों में हड़ताल घोषित कर दी है, जबकि लखनऊ खंडपीठ एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता भी इस घटना के विरोध में संगठित हो गए हैं और समूचे प्रदेश में जगह-जगह वकील आंदोलन कर रहे हैं। हापुड़ में हुए लाठी चार्ज के विरोध मैं शुक्रवार की सुबह दोनों बार के दर्जनों वकील अध्यक्ष ओमपाल मावी और खालिद चौधरी के नेतृत्व में कचहरी परिसर के बाहर सभागार में एकत्र हुए, जो पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए हापुड़ के लिए रवाना हो गए। वहीं सब रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी जारी रहने से लगातार तीसरे दिन भी बेनामों का कार्य पूरी तरह ठप रहने से ज़मीन जायदाद की खरीद फरोख्त करने आए लोगों को बेरंग लौटने को मजबूर होना पड़ा। बार अध्यक्ष ओमपाल मावी, खालिद चौधरी, सचिव हिमांशु त्यागी, दीपक कुमार के नेतृत्व में हापुड़ कचहरी के लिए रवाना होते समय अधिवक्ता होने हर लड़ाई के लिए पूरी तरह संगठित रहने का संकल्प लिया। पूर्व अध्यक्ष सुबोध त्यागी, छतर सिंह यादव, चौधरी अमरपाल सिंह, नरेश गिल, सुरेंद्र नागर, सत्येंद्र चौधरी, रविंद्र सिंह, सोहेल आलम, मेहताब चौधरी, कलीम खान, शाकिर अली, मनोज गोयल, धनवंत राय, हेमंत गौड़, निरंजन राणा, कृपाल चौहान, सीपी सिंह, राजेंद्र वर्मा, मिलन कुमार, श्रीनिवास सिंह, हरकेश गिरी, संदीप सैनी, शाहनवाज अंसारी ने बताया की हापुड़ पहुंच कर वहां के अधिवक्ताओं से वादा किया जाएगा कि उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक दोषी पुलिस वालों के विरोध कड़ी कार्रवाई नहीं होगी तब तक यह आंदोलन जारी रखा जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा निहत्थे वकीलों पर लाठी चार्ज किए जाने की घटना ने अंग्रेजी हुकूमत के जुल्मों को एक बार फिर से याद दिला दिया है।

.... मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच कमेटी पर भी उठाए सवाल।

बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बलराज त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हापुड़ की घटना को लेकर गठित की गई तीन सदस्य जांच कमेटी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा की जांच कमेटी में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष और सचिव को शामिल किया जाए, जबकि कोई भी पुलिस अधिकारी उसमें ना रखा जाए। क्योंकि पुलिस अधिकारी के रहते हापुड़ की दोषी पुलिस के विरुद्ध कोई भी रिपोर्ट दिया जाना संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री द्वारा गठित की गई जांच समिति से मेरठ आईजी और मुरादाबाद डीआईजी का नाम हटाकर उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष और सचिव को उसमें शामिल नहीं किया जाएगा तब तक जनपद के अधिवक्ताओं द्वारा जांच कमेटी के समक्ष पेश होकर पुलिस ज़्यादती के संबंध में कोई भी बयान अथवा साक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।