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हापुड़। गरीबों की आजीविका' पर संकट, रामबाजार को बंद कराने की धमकी, दबंगों पर अवैध कब्ज़े और विवाद का आरोप


गरीबों की आजीविका' पर संकट, रामबाजार को बंद कराने की धमकी, दबंगों पर अवैध कब्ज़े और विवाद का आरोप

- बाजार केवल रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और इसके बंद होने से सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। 

By- Naveen Gautam 
हापुड़। रामलीला मैदान में हर रविवार लगने वाले पारंपरिक साप्ताहिक रामबाजार (पैठ) के भविष्य को लेकर स्थानीय दुकानदारों में भय का माहौल है। बाजार को बनाए रखने के लिए मोहल्ला लज्जापुरी, बैंक कॉलोनी, चमरी, सिद्धार्थ नगर और गणेशपुरा के मजदूर वर्ग के लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि कुछ "दबंग और माफिया प्रवृत्ति" के लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं और विरोध करने पर बाजार बंद कराने की धमकियाँ दे रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।

सामूहिक रूप से प्रार्थना पत्र देने वाले दुकानदारों ने स्पष्ट किया है कि यह बाजार ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और इसे किसी भी कीमत पर अन्य स्थान पर न बदला जाए। दुकानदारों के अनुसार, पिछले लगभग आठ वर्षों से श्री रामलीला समिति (रजि.) हापुड़ के तत्वावधान में यह बाजार बिना किसी विवाद के संचालित हो रहा है। यहाँ सभी वर्गों के गरीब दुकानदार अपनी अस्थायी दुकानें लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, और स्थानीय लोगों को भी इस बाजार से कोई शिकायत नहीं है।
यह साप्ताहिक बाजार गरीबों की आजीविका का एकमात्र मजबूत आधार है। इसे हटाना सैकड़ों परिवारों के लिए गहरी आर्थिक समस्या पैदा कर देगा। दुकानदारों ने प्रशासन को भेजे पत्र में कहा।
दुकानदारों ने अपने प्रार्थना पत्र में सभासद पति, उसके भाई सहित कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों के मुताबिक, उक्त लोगों ने बंजर भूमि (खसरा संख्या 414) और रास्ते की जमीन पर अवैध निर्माण कर मांस-मुर्गे की दुकानें खोल ली हैं। रामलीला समिति द्वारा अतिक्रमण की शिकायत किए जाने पर ये लोग अब जानबूझकर बाजार में विवाद खड़ा कर रहे हैं और इसे बंद कराने की धमकियाँ दे रहे हैं। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि ये सभी मिलकर अधिकारियों को झूठे प्रार्थना पत्र भेजकर बाजार को बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि ये सभी आरोपी क्षेत्र में दबंग व माफिया प्रवृत्ति के हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण बन गया है।
दुकानदारों ने जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
 बाजार में आने वाले गरीब दुकानदारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी भय के अपना रोज़गार चला सकें।
दुकानदारों ने दोहराया कि यह बाजार उनके लिए केवल रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और इसके बंद होने से सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।