हापुड़ में सजेगा 'साहित्यम महापर्व', 27 दिसंबर से तीन भाषाओं के संगम से महकेगी जनपद की सांस्कृतिक विरासत
साहित्यम महापर्व केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचारों का उत्सव: प्रेस वार्ता में आयोजकों ने दिया महोत्सव का आमंत्रण
हापुड़। जनपद की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए आगामी 27 और 28 दिसंबर 2025 को 'साहित्यम महापर्व' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। हापुड़ साहित्य समिति द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव की तैयारियों और विशेषताओं को लेकर आज, 25 दिसंबर को गढ़ रोड स्थित प्रयाग हॉस्पिटल में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
तीन भाषाओं का संगम और युवाओं से संवाद
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए फेस्टिवल डायरेक्टर महेश वर्मा ने बताया कि श्रीमती ब्रह्मा देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में आयोजित होने वाला यह महापर्व हिंदी, अंग्रेज़ी और उर्दू साहित्य का एक साझा मंच होगा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण, साहित्यिक परिचर्चाएँ और पुस्तक विमोचन। कविता-पाठ और कहानी-वाचन के विशेष सत्र। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और रचनात्मक गतिविधियाँ। युवाओं के लिए 'युवा संवाद' का विशेष मंच।
महेश वर्मा ने कहा, हमारा उद्देश्य नई पीढ़ी में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को पुनर्जीवित करना और हापुड़ को राष्ट्रीय पटल पर एक सशक्त साहित्यिक पहचान दिलाना है।
संस्था के अध्यक्ष इन्दुभूषण मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्यम महापर्व केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचारों और सांस्कृतिक समरसता का उत्सव है। यह महोत्सव साहित्यकारों और पाठकों के बीच एक सेतु का काम करेगा, जिससे हापुड़ का सांस्कृतिक परिदृश्य और अधिक समृद्ध होगा।
महोत्सव के प्रमुख सहयोगी डॉ. श्याम कुमार ने हापुड़ के समस्त नागरिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों से इस गौरवशाली आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पूरे नगर के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. अजय गोयल उपाध्यक्ष, राकेश कुमार कोषाध्यक्ष, पूनम अग्रवाल सह सचिव सहित आयोजन समिति के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता के अंत में आयोजकों ने आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह महापर्व हापुड़ के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।


