हापुड़। शनिवार को जिला कार्यालय पर दलित स्वाभिमान रक्षा संघर्ष वाहिनी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश अध्यक्ष अनिल आज़ाद एडवोकेट के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन के दौरान दलित समाज पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग उठाएगा।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष अनिल आज़ाद एडवोकेट ने कहा कि 2 अप्रैल 2018 का भारत बंद संविधान और एससी-एसटी एक्ट की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक आंदोलन था। उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने आंदोलन के दबाव में एक्ट को पुराने स्वरूप में बहाल तो कर दिया, लेकिन आंदोलनकारियों पर दर्ज 'फर्जी मुकदमे' आज भी वापस नहीं लिए गए हैं। निर्दोष युवाओं को आज भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। दलित वोटों से जीतने वाले जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एडवोकेट अनिल आज़ाद ने समाज के नेताओं से आह्वान किया कि वे अपनी-अपनी विधानसभा के विधायकों को ज्ञापन सौंपकर दबाव बनाएं। उन्होंने विशेष रूप से हापुड़ विधायक विजयपाल आढ़ती से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाज के युवाओं के हित में मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा रखें।
बैठक की अध्यक्षता मुकेश जाटव ने की तथा संचालन जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश ठेकेदार द्वारा किया गया। इस दौरान दीपक प्रधान, प्रवीण बौद्ध, मदन वर्मा, रतनलाल बौद्ध, राजाराम, धर्मेंद्र जाटव, गंगाराम जाटव, प्रकाश चंद, अमित, मोनू, यादराम, प्रेमचंद, लालू वर्मा, पंकज जाटव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


