By - Naveen Gautam
गाजियाबाद/हापुड़। राष्ट्रीय सैनिक संस्था जिला इकाई हापुड़ के एक प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को डासना मंदिर पहुंचकर यूजीसी बिल के विरोध में सात दिनों से अनशन पर बैठे जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद महाराज और डॉ. उदिता त्यागी से मुलाकात की। संस्था ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए सरकार से इस कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश महिला ब्रिगेड की अध्यक्ष सुमन त्यागी और प्रदेश प्रवक्ता व जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्यागी के नेतृत्व में पहुंचे दल ने समर्थन पत्र सौंपा। इस दौरान ज्ञानेंद्र त्यागी ने भावुक अपील करते हुए कहा, स्वामी जी और डॉ. उदिता त्यागी को अब अनशन समाप्त करना चाहिए, क्योंकि समाज और संगठन को उनकी बहुत आवश्यकता है। हम तन, मन, धन और शक्ति के साथ इस लड़ाई में आपके साथ खड़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को किसी भी सूरत में यह यूजीसी कानून वापस लेना ही होगा।
इस प्रदर्शन और समर्थन के दौरान त्यागी समाज के साथ-साथ कई अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में यूजीसी बिल के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। डासना मंदिर परिसर में हुई इस सभा में भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रतिनिधि मंडल में समर्थन देने वालों में राष्ट्रीय सैनिक संस्था से मोनिका त्यागी महिला जिला अध्यक्ष, प्राची खुल्लर जिला सचिव, मोनिका मनौचा दिल्ली एनसीआर अध्यक्ष, तरुण ध्यानी युवा कमांड अध्यक्ष, गौरव त्यागी, मुकेश त्यागी, राजकुमार शर्मा और शशांक मुनि। अन्य संगठन से गायत्री परिवार से सुधीर त्यागी, भारतीय किसान यूनियन से राधेलाल त्यागी, विश्व हिंदू परिषद से दीपक त्यागी, और भाकियू टिकैत से पवन त्यागी सहित सतबीर प्रधान, महेंद्र सेठ, कैलाश चंद्र और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


