REPORT BY: NADEEM NAQVI
हापुड़। नगर में उस समय माहौल गरमा गया जब हापुड़ बार एसोसिएशन के सैकड़ों अधिवक्ता नगर कोतवाली पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध उस कार्रवाई को लेकर था, जो पुलिस द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर करतब (स्टंट) दिखाने वाले कुछ लोगों के खिलाफ की गई थी।
अधिवक्ताओं ने एक स्वर में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया। उनका कहना था कि इस प्रकार की कार्रवाई कहीं न कहीं दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में जाति या धर्म के आधार पर किसी भी व्यक्ति का उत्पीड़न किया गया, तो उसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान एडवोकेट अनिल आजाद ने न्याय और समानता के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है और इस प्रकार की कार्रवाई उस भावना के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए।
वहीं, इस पूरे मामले पर पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई है जो सार्वजनिक स्थान पर स्टंटबाजी कर रहे थे, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ जाति या अन्य किसी आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन द्वारा मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इस मौके पर एडवोकेट अनिल आजाद, सचिव रवि कुमार, अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह, मुकेश कुमार, मनोज कुमार, केपी सिंह, देवेंद्र सिंह, रमेश चंद्रा, रविन्द्र निमेष, नरेश कर्दम, वाई पी सिंह, दीपक कुमार, कविता सिंह, अमरेश कुमार सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहें।



