Report By: Anuj Singh
हापुड़। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार तेजी से हो रहा है और आने वाले वर्षों में यह परिवहन का प्रमुख माध्यम बनने की दिशा में अग्रसर है। केंद्र और राज्य स्तर पर उठाए जा रहे कदम न केवल औद्योगिक विकास को गति दे रहे हैं, बल्कि देश को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर भी ले जा रहे हैं।
इसी कड़ी में पिलखुवा में स्थित ‘आनंदा’ द्वारा टाटा मोटर्स और अशोक लेयलंड के साथ की गई साझेदारी को इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस पहल से जहां उत्पादन लागत में कमी आने की उम्मीद है, वहीं पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।
कंपनी के चेयरमैन डॉ. राधे श्याम दीक्षित ने बताया कि आनंदा वर्ष के अंत तक डीजल और सीएनजी से चलने वाले अपने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल से ईंधन की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी और देश की आर्थिक व पर्यावरणीय प्रगति को बल मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी न केवल प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



