मैं मोबाइल हूं
मैं रेडियो खा गया, मैं घड़ी को खा गया, मैं टीवी को भी खा गया, मैं कम्प्यूटर को खा गया, मैंने चिट्ठी (पत्र) को तो नष्ट ही कर दिया।
मैं मोबाइल हूँ
मै बच्चों का बचपन खा गया, मैं जवानों की जवानी खा गया, नही मिटी भूख मेरी, मैं दादा-दादी, नाना-नानी की कहानी खा गया।
मैं मोबाइल हूँ
मैं टोर्च को खा गया, मैं टेप रिकार्डर को खा गया, मैं कैमरे को खा गया मैंने गली-नुकड़ के सारे खेल निग़ल लिए. अब बच्चों का बचपन खा-खा कर और भी मजबूत होता जा रहा हूँ
मैं मोबाइल हूँ
ज्यों ज्यों आपको मेरी लत लग जाएगी, त्यों त्यों आप पर हावी होता जाऊँगा, मैं आपको उन लोगों से दूर कर दूंगा जो आपके बहुत करीबी हैं।
मैं मोबाइल हूँ
न आपके पास खेलने का टाइम छोडूंगा, न आपके पास कसरत करने का। यहाँ तक की आपकी कार्यक्षमता भी आधी कर दूँगा। आप काम कम करेंगें मुझे ज्यादा देखेंगें।
मैं मोबाइल हूँ
आजकल मैं बड़ा काम कर रहा हूँ, दुकानों और रोजगार को खा रहा हूँ, लोग मेरे द्वारा ऑनलाइन सब कुछ मंगाने के आदी होते जा रहे है, एक दिन ऐसा आएगा जब बाजारों में सवा दिखाई देगा।
मैं मोबाइल हूँ
मैं किताबे खा गया, मैं केलकुलेटर खा गया, बहुत छोटा सा हूँ मगर मैंने बड़े पर्दे वाले सिनेमाघरों को भी खा लिया है।
मैं मोबाइल हूँ
मैं बड़े काम की चीज हूँ, आज मैं हर इंसान की जरूरत हूँ, आज दुनिया मे मुझसे ताकतवर कोई नही है। जानते हो क्यों कैसे हुआ मैं इतना मजबूत और बलशाली ??
मै मोबाईल हूं
मैं ज्ञान का भंडार हूँ
मगर मेरा इश्तेमाल सावधानी से करना।
मैं नींदे चुरा लेता हूँ, मैं चैन चुरा लेता हूँ, मैं आंखों की रोशनी ही मिटा देता हूँ।



