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हापुड : गन्ना समितिया जारी कर रही है, किसानों को शून्य बैलेंस की पर्ची, नही है पर्ची पर दाम

सेंटर पर आए दिन हो रहा विवाद, तोल लिपिक नहीं दे रहे संतोषजनक जवाब

रिपोर्ट - पवन कुमार/अहमद सुहैल 
हापुड़। जिले के किसानों से चीनी मिल शून्य बैलेंस पर ही गन्ना खरीद रहा है। गन्ना समितियों से जारी पर्चियों में रेट नहीं दर्शाया गया। ऐसे में किसान असमंजस में हैं। तोल लिपिक भी बिना रेट डाले ही पर्ची काटने की कार्रवाई कर रहे हैं। इस अव्यवस्था से किसानों में रोष व्याप्त है, गन्ना विभाग और जिला प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया गया है। पेराई सत्र 2022-23 का शुभारंभ दो नवंबर से हुआ है। बीते दिनों भाकियू और जिला प्रशासन के बीच संयुक्त वार्ता में सत्र शुरू होने से पहले ही पूरा भुगतान कराने पर सहमति बनी थी। लेकिन इस सहमति पर मिल खरे नहीं उतरे हैं। आलम यह है कि पुराने सत्र का अभी भी करीब 200 करोड़ रुपये सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल पर अवशेष है। अनदेखी का आलम यह है कि नए सत्र में शून्य बैलेंस पर ही किसानों का गन्ना खरीदा जा रहा है। किसान गेहूं बुवाई के लिए खेत खाली करने में जुटे हैं, ऐसे में चीनी मिलों पर लगातार गन्ना सप्लाई भी कर रहे हैं। लेकिन कितने पैसों का गन्ना सप्लाई किया गया किसानों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है। क्योंकि गन्ने की पर्चियों पर कोई रेट ही नहीं डाला जा रहा है। गन्ना विभाग नए सत्र का भुगतान हर 14 दिन में कराने का दावा कर रहा है, लेकिन जब पर्चियों पर रेट ही नहीं खुला है तो विभाग कैसे किसानों को भुगतान करा देगा। इसी की आड़ में चीनी मिलों को संरक्षण देने का कार्य भी गन्ना विभाग और जिला प्रशासन कर रहे हैं। पुराने सत्र के भुगतान को लेकर भी कोई सख्ती नहीं की जा रही है।