हापुड। सोमवार को संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल हापुड़ द्वारा जीएसटी विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर व्यापारियों पर छापामार कार्रवाई के विरोध जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि जीएसटी विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर व्यापारियों पर छापामार कार्रवाई कर डर का वातावरण बनाया जा रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाए जाने कि मांग का एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया।ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा की प्रदेश का व्यापारी सरकार की उम्मीद से कहीं ज्यादा राजास्व देकर सरकार की उम्मीदों पर खरा उतरा है। ऐसे में स्टेट जीएसटी द्वारा छापामार कार्रवाई से पूरे प्रदेश के व्यापारियों में रोष व्याप्त है।
व्यापारियों की मांग है कि जीएसटी विभाग द्वारा व्यापार मंडल के सहयोग से कैंप लगाकर व्यापारियों को जागरूक किया जाए किन व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता है या नहीं।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि जीएसटी विभाग द्वारा यह भी प्रसारित किया जा रहा है कि प्रत्येक व्यापारी को अपने प्रतिष्ठानों के बाहर जीएसटी नंबर का बोर्ड ना लगाने पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड वसूला जाएगा। जिससे व्यापारियों में इस बात की दहशत है कि जीएसटी नंबर ऑनलाइन लेकर साइबर क्राइम को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापारियों की मांग है कि भारत सरकार द्वारा जीएसटी लगाए जाने के समय एक टैक्स एक देश की घोषणा की गई थी लेकिन इतने साल बाद भी एक टैक्स एक देश की व्यवस्था लागू नहीं की गई है सरकार को एकल बिंदु टैक्स की व्यवस्था तुरंत लागू करनी चाहिए।
यहां यह भी बताना जरूरी है कि संयुक्त हापुड़ उद्योग व्यापार मंडल, युवा व्यापार मंडल, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, सर्राफा एसोसिएशन, डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन, गुड गला व्यापार संघ, लोहा एसोसिएशन, तेल उद्योग संघ, आईआईए, व अन्य काफी एसोसिएशन एवं व्यापारियों की मेहनत रंग लाई है।प्राप्त सूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अस्थाई रूप से फिलहाल छापामार कार्रवाई को रोक दिया गया है। परंतु
हमें सजग वह एकत्रित रहना आवश्यक है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित कुमार छावनी वाले, अरविंद शर्मा सर्राफ , राजिव गर्ग दतियाना वाले , व्यापारी नेता संजय अग्रवाल, वीरेंद्र गर्ग पिल्लू, लोकेश रोहतगी सर्राफ, प्रदीप सर्राफ, अमित सिंगल गुड वाले, संजय गर्ग लकड़ी वाले, विजेंद्र गर्ग लोहे वाले, मनीष गर्ग नीटू, मनीष कंसल मक्खन, प्रभात अग्रवाल, सोनू बंसल , वीरेंद्र गर्ग बिट्टू, अतुल अग्रवाल, हरेंद्र कौशिक, अमित सिंघल कन्फेसरी वाले, अजय कंसल खल वाले, राहुल त्यागी, त्यागी जी तेल वाले, मुदित बंसल, कपिल सिंघल गारमेंट वाले, कपिल विकी, भगवंत चावल वाले, योगेश गुड वाले, हितेश वर्मा, पिंटू प्रधान, अजय मंगल सर्राफ, सौरभ केमिकल वाले आदि बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे।



