भगवान परशुराम पृथ्वी पर आज भी
जीवित एवं अमर हैं : काशी पंडित
रिपोर्ट -नवीन गौतम/लक्ष्मण सिंह
हापुड़। राष्ट्र स्वाभिमान संघ के फ्रीगंज रोड स्थित कार्यालय पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर एक कार्यक्रम आयोजन किया गया।
जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक सिसोदिया व सिटी कोतवाली प्रभारी संजय पांडे ने भगवान परशुराम जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर प्रसाद वितरण किया।
राष्ट्र स्वाभिमान संघ के संस्थापक अध्यक्ष, काशी पंडित ने कहा कि भगवान श्री परशुराम जी त्रेता युग में ब्राह्मण ऋषि के यहाँ जन्मे थे। जो विष्णु के छठा अवतार हैं।
पौरोणिक वृत्तान्तों के अनुसार उनका जन्म महर्षि भृगु के पुत्र महर्षि जमदग्नि द्वारा सम्पन्न पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देवराज इन्द्र के वरदान स्वरूप पत्नी रेणुका के गर्भ से वैशाख शुक्ल अक्षय तृतीया को आज ही के दिन हुआ था, और शिवजी द्वारा प्रदत्त परशु धारण किये रहने के कारण वे परशुराम जी कहलाये।
आरम्भिक शिक्षा महर्षि विश्वामित्र एवं ऋचीक के आश्रम में प्राप्त होने के साथ ही महर्षि ऋचीक से शार्ङ्ग नामक दिव्य वैष्णव धनुष और ब्रह्मर्षि कश्यप से विधिवत अविनाशी वैष्णव मन्त्र प्राप्त हुआ।
वह पृथ्वी पर आज भी जीवित एवं अमर हैं भीष्म पितामह और अंगराज करण को शास्त्र एवं शस्त्र की शिक्षा भगवान परशुराम से ही मिली है उन्होंने नारी सम्मान समाज कल्याण के लिए अपने युग में शस्त्र उठाए थे। वह हर युग में कुछ ना कुछ देते आए हैं।
राम युग में उन्होंने भगवान श्रीराम को भगवान शंकर जी द्वारा प्राप्त अपना धनुष दुष्टों के संहार के लिए दिया था तो कृष्ण युग में उन्होंने विश्व कल्याण के लिए भगवान श्री कृष्ण को सुदर्शन चक्र दिया था राजा सहस्त्रार्जुन महिष्मती साम्राज्य के शासक थे। वही महिष्मती जिसे आज महेश्वर के नाम से जाना जाता है। भगवान परशुराम ने उस अत्याचारी एवं दुराचारी को एवं उसके वंशजों को 21 बार युद्ध में हराकर संपूर्ण पृथ्वी को हैहय वंश से विध्रहीन कर दिया प्रत्येक समाज में प्रत्येक घर में हर व्यक्ति को अपने पूजा स्थली पर भगवान परशुराम का चित्र अवश्य लगाना चाहिए और विधि विधान से सभी देवी देवताओं के साथ भगवान परशुराम का भी पूजन करना चाहिए।
इस मौके पर पंडित नानक चंद शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्राह्मण महासभा ब्रह्म समर्पित भारत, एडवोकेट अंकुर शर्मा, एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, प्रवेश पंडित, मुकुल पंडित, अखिलेश पंडित, रोहित चौधरी, दिनेश खेड़ा, राकेश तोमर, वकील सिद्धकी, कासिम खान, हनी त्यागी, राजू पंडित, दुष्यंत शर्मा, विवेक शर्मा, कुणाल शर्मा, कृष शर्मा, भास्कर शर्मा, हिंदू पंडित, आदि लोग उपस्थित रहे।


