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हापुड़ : सुप्रीम कोर्ट ने कहा EVM से, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव नही हो सकते : मेश्राम




- जब भाजपा के सबसे बड़े नेता अटल बिहारी बाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ये तब वह भी लोकसभा में 186 का आंकड़ा पार नही कर पाए थे। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 283 और 2019 के चुनाव में 303 का जादुई आकडा पार किया। इसका कारण ईवीएम में की गई हेराफेरी है : वामन मेश्राम 
- SC ने कहा EVM से, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव नही हो सकते : मेश्राम

- ईवीएम भंडाफोड़ परिवर्तन यात्रा पहुंची हापुड़ 

रिपोर्ट - नवीन गौतम/ लक्ष्मण सिंह 
हापुड़। ईवीएम भंडाफोड़ परिवर्तन यात्रा पार्ट दो का कार्यक्रम रामलीला मैदान आयोजित किया गया।
 अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय संयोजक, बहुजन क्रान्ति मोर्चा वामन मेश्राम ने की।
कार्यक्रम में हजारों महिला पुरुष ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय संयोजक, बहुजन क्रान्ति मोर्चा वामन मेश्राम ने कहा कि ईवीएम भंडाफोड़ राष्ट्रव्यापी परिवर्तन यात्रा इसके पहले कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकली थी। लेकिन कोविड-19 की वजह से यह राष्ट्रव्यापी परिवर्तन यात्रा आंध्रप्रदेश तक पहुंची थी।



 लेकिन अब यह ईवीएम भण्डाफोड राष्ट्रव्यापी परिवर्तन यात्रा पार्ट 2 के तहत 21 फरवरी 2023 से महाराष्ट्र से शुरूआत हुई है। उत्तर प्रदेश में यह परिवर्तन यात्रा 21 मार्च 2023 से 22 जून 2023 तक चलेगी।

 

उसके बाद यह परिवर्तन कन्याकुमारी से कश्मीर तक जाने वाली है। यानी 365 दिन की यह राष्ट्रव्यापी परिवर्तन यात्रा वामन मेश्राम के नेतृत्व में शुरू हो हुई है।





भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो0 विलास खरात ने बताया कि ईवीएम घोटाले के विरोध में राष्ट्रव्यापी परिवर्तन यात्रा पार्ट 2 देशभर में निकल रही है। ईवीएम के विरोध में वामन मेश्राम संगठित शक्ति के सहयोग से निरन्तर राष्ट्रव्यापी जनजागरण कर रहे है। इसी वजह से सामाजिक एवं राजनीतिक पार्टियों में काम करने वाले नेताओं को ईवीएम की गड़बड़ी और घोटाले की जानकारी प्राप्त हो रही है। 
 राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय संयोजक, बहुजन क्रान्ति मोर्चा वामन मेश्राम ने कहा कि वर्ष 2000 के पहले देश में किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता था। लेकिन वर्ष 2004 के चुनाव के बाद पूर्ण बहुमत मिलना शुरू हो गया। इसका मुख्य कारण ईवीएम के द्वारा हेराफेरी है। ईवीएम के द्वारा हेराफेरी करके कांग्रेस ने अपनी बहुमत की सरकार बनाई। इसका यह अर्थ है कि कांग्रेस ने पहली बार ईवीएम में हेराफेरी की थी। लेकिन अभी ईवीएम का फायदा भाजपा को होने लगा है। भाजपा यह काँग्रेस पार्टी के विरोध में बोलती है और कॉंग्रेस भाजपा के विरोध में बोलती है, लेकिन ईवीएम के विरोध में ना ही काँग्रेस बोलती है और भाजपा भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। जब भाजपा के सबसे बड़े नेता अटल बिहारी बाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ये तब वह भी लोकसभा में 186 का आंकड़ा पार नही कर पाए थे। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 283 और 2019 के चुनाव में 303 का जादुई आकडा पार किया। इसका कारण ईवीएम में की गई हेराफेरी है। कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि ईवीएम में हेराफेरी नहीं हो सकती। लेकिन 8 अक्टूबर 2013 को मा. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से कहा गया कि ईवीएम के द्वारा मुक्त, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव नही हो सकते है। इसका अर्थ है कि ईवीएम में हेराफेरी होती है। 
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव भारत मुक्ति मोर्चा 
प्रोफेसर विलास खरात, बामसेफ दक्षिण भारत प्रभारी सुधीर नाग, राष्ट्रीय प्रभारी राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा चांद मोहम्मद, राष्ट्रीय महासचिव बहुजन मुक्ति पार्टी एडवोकेट मुकेश कुमार, एडवोकेट ऐजानुल हक अध्यक्ष बार एसोसिएशन हापुड़, राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ से पूनम, पूर्णकालिक प्रचारक बामसेफ गीता पैट्रिक, रामपाल प्रजापति, राष्ट्रीय महासचिव प्रजापति महासभा, डॉ0 अरुण कुमार पूर्व जिला अध्यक्ष बामसेफ, बबलु गौतम, मिथलेश रानी, हरेंद्री, लक्ष्मी आदि मौजूद रहे।