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हापुड़ : राजीव गांधी ने कुछ और ऐसे काम किए, जिनकी चर्चाएं आज भी देश में होती है। खासकर, मतदाताओं की उम्र सीमा घटना। पंचायती राज के लिए संघर्ष, अर्थव्यवस्था के सेक्टर्स को खोलना और EVM मशीनों की शुरुआत करना इनमें शामिल हैं।


- राजीव गांधी अपने भाषणों में हमेशा 21वीं सदी में तरक्की का जिक्र किया करते थे। राजीव गांधी का मानना था कि टेक्नोलॉजी के सहारे देश में बदलाव किया जा सकता है।

- राजीव गांधी की जयंती सद्भावना दिवस के तौर पर मनाई 
रिपोर्ट - नवीन गौतम/ मौहम्मद हाशिम 
हापुड़। रविवार को कांग्रेस जनों ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा पर कांग्रेस जनों ने माल्यार्पण कर एक गोष्ठी का आयोजन किया जिसमें समस्त कांग्रेस जनों ने राजीव जी के जीवन पर और देश के लिए उनके योगदान पर विचार रखे। 
विचार गोष्ठी का संचालन कांग्रेस सेवादल जिला अध्यक्ष अंकित शर्मा ने किया। 
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक गोयल ने कहा कि इस दिन को सद्भावना दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश को राजीव गांधी के रूप में नया प्रधानमंत्री मिला। राजीव गांधी से लोगों को काफी उम्मीदें थी। लोगों की उम्मीदों पर राजीव गांधी काफी हद तक खड़े भी उतरे। अपने कार्यकाल में राजीव गांधी ने कुछ ऐसे काम किए, जिससे देश की 'तस्वीर और तकदीर' दोनों बदल गई।
 धौलाना से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व पीसीसी अरविंद शर्मा ने कहा चुनाव से पहले और चुनाव के बाद भी राजीव गांधी अपने भाषणों में हमेशा 21वीं सदी में तरक्की का जिक्र किया करते थे। राजीव गांधी का मानना था कि टेक्नोलॉजी के सहारे देश में बदलाव किया जा सकता है। इस बाबत राजीव गांधी ने टेलीकॉम और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में काफी काम करवाया। राजीव गांधी के नाम तकनीक क्रांति की नींव रखने का श्रेय भी जाता है। 
पिलखुवा के नगर अध्यक्ष मदन चौहान ने कहा कि इसके अलावा राजीव गांधी ने कुछ और ऐसे काम किए, जिनकी चर्चाएं आज भी देश में होती है। खासकर, मतदाताओं की उम्र सीमा घटना। पंचायती राज के लिए संघर्ष, अर्थव्यवस्था के सेक्टर्स को खोलना और ईवीएम मशीनों की शुरुआत करना इनमें शामिल हैं। 
इस मौके पर अमित सैनी, भारत लाल शर्मा, आस मोहम्मद, सौरव, सुबोध शास्त्री, सावन चौधरी, जाहिद, आई सी शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, अनूप कर्दम, एडवोकेट रघुवीर सिंह, देवेंद्र कुमार, मोहम्मद परवेज, विक्की शर्मा, एडवोकेट विनोद कर्दम, गुलफाम कुरैशी, खुशनूद, अब्दुल कलाम, जोगिंदर आदि साथी मौजूद रहे।