मुरादपुर के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में धांधली कर राजकीय धनराशि गबन करने का आरोप लगाते हुए डीएम को ज्ञापन सौपा
हापुड़। गांव मुरादपुर के ग्रामीणों ने वित्तीय वर्ष 2021 से वर्ष 2025 (अब तक) के मध्य कराये गये विकास कार्यों में धांधली कर राजकीय धनराशि गबन करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौपा। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया ग्राम पंचायत मुरादनगर के गांव मुरादपुर में करीब 70 प्रतिशत अनुसूचित जाति व करीब 30 प्रतिशत अन्य पिछडा वर्ग के व्यक्ति निवास करते है।
ग्राम पंचायत मुरादनगर (मुरादपुर) में विकास कार्यो की स्थिति काफी दयनीय है। उपरोक्त गांव जिला मुख्यालय से करीब 5 किमी0 की दूरी पर स्थित है तथा श्रीमान जी निवास के ठीक सामने है। इसके पश्चात भी ग्रामीण राज्य व केन्द्र सरकार से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का टोटा भुगत रहे है। गांव के मुख्य मार्ग, खडंजे व नाली टूटी, जर्जर व क्षतिग्रस्त अवस्था में है। गांव की नालियों का पानी बहकर रास्ते में आ जाता है। जिस कारण मुख्य व अन्य मार्गो पर जल भराव की स्थिति बनी रहती है तथा आने जाने वालों को समस्या उत्पन्न रहती है। जगह जगह गांव में गन्दगी का अम्बार लगा हुआ है। अधिकांश सरकारी हैण्डपम्प भीषण गर्मी में भी खराब पडे रहते है। ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिये पर्याप्त मात्रा मे भी जल उपलब्ध नही हो पा रहा है। गांव की इतनी आबादी होने के उपरान्त गांव में दाह-संस्कार हेतु निश्चित अंत्योष्टि स्थल नही है। अन्तिम संस्कार में भी बदहाली पीछा नही छोड रही है। शमशान घाट की चारदीवारी बैठने हेतु बैंच तथा पेयजल की सुविधा नही है तथा पेड पौधे भी नही लगे है। शव के दाह संस्कार हेतु दूसरे गांव सिमरौली जाना पडता है जो करीब 2.5 से 3 किमी0 की दूरी पर है। जो हाई-वे के निकट स्थित है। आने जाने वालों के साथ कभी भी कोई दुर्घटना घटित हो सकती है। गांव का तालाब गन्दगी से अटा हुआ है, उसकी साफ सफाई का कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। उसके आसपास रहने वाले लोगों के घरों में दूषित पानी आ जाता है। जिस कारण समरसेबिल व हैण्डपम्पों का पानी दूषित हो रहा है तथा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है तथा डेंगू, मलेरिया आदि जैसी घातक बीमारिया होने का खतरा उत्पन्न हो रहा है। उपरोक्त समस्याओं की शिकायत ग्रामीणों द्वारा करने पर भी समस्याओं का समाधान / निस्तारण नही हो पा रहा है।
राज्य व केन्द्र सरकारों द्वारा उपरोक्त ग्राम पंचायत मुरादनगर (मुरादपुर) वि० खण्ड हापुड जिला हापुड के विकास कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 2021 से वर्ष 2025 (पंचवर्षीय) तक करीब 1 करोड २० लाख रूपये की धनराशि आवंटित की गयी है। इसके उपरान्त भी ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम प्रधान के द्वारा उपरोक्त गांव में विकास कार्य न कराकर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर विकास कार्यों के लिये ग्राम पंचायत में आयी धनराशि का दुरूपयोंग कर धांधली की गयी है तथा सरकारी धन का गबन किया गया है। इनके द्वारा उपरोक्त ग्राम पंचायत में उन विकास कार्यों को भी सम्मिलितकिया गया है जो अभी तक कराये ही नही गये है, इनके द्वारा राजकीय कार्यों को कराने मे शिथिलता बरती गयी है तथा अपने आप को अनुचित लाभ पहुंचाने के उददेश्य से फर्जी प्रपत्र/बिल तैयार कर उनका प्रयोग कर धनराशि का गबन किया गया है। ऐसी स्थिति में ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम प्रधान मुरादनगर (मुरादपुर) ब्लाक हापुड तथा इनके साथ अन्य सम्मिलित दोषियों के विरूद्ध उच्च स्तरीय स्थलीय / भौतिक जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए। कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम प्रधान मुरादनगर (मुरादपुर) विकास खण्ड हापुड जिला हापुड द्वारा वित्तीय वर्ष 2021 से वर्ष 2025 तक कराये गये विकास कार्यों हेतु आवंटित धनराशि का दुरूपयोग कर धांधली की बावत उच्च स्तरीय स्थलीयभौतिक जाचं कर दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही हो। ज्ञापन सोपने वालों में एड सतवीर सिंह, मदनपाल, रवि, दानिश, अकवर, गंगा प्रसाद, पुष्पा, सनी, निशा, नौशाद आदि ग्रामीण मौजूद रहे।



