अनुशासनहीनता पर बसपा का कड़ा एक्शन: हापुड़ में दो बड़े नेता निष्कासित
हापुड़। आगामी चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने संगठन में कड़ा अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में बसपा ने जिले के दो प्रमुख नेताओं को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।
इन नेताओं पर गिरी गाज
जिन दो नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है, उनके नाम हैं:
- तिलक चौधरी (निवासी ग्राम भूडगढ़ी, विधानसभा धौलाना)
- केपी सिंह (निवासी आवास विकास कॉलोनी, विधानसभा हापुड़)
पार्टी विरोधी गतिविधियाँ और अनुशासनहीनता कारण
बसपा जिलाध्यक्ष एके कर्दम ने निष्कासन की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों नेता लंबे समय से 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' में लिप्त थे और लगातार 'पार्टी के अनुशासन को भंग' कर रहे थे।
जिलाध्यक्ष कर्दम ने जानकारी देते हुए कहा, "तिलक चौधरी और केपी सिंह को उनकी इन हरकतों को बंद करने और कार्यशैली सुधारने के लिए कई बार चेतावनी भी दी गई थी।"
चेतावनी के बावजूद नहीं आया सुधार
जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी उनकी गतिविधियों और कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया।
"पार्टी और मूवमेंट के हित को देखते हुए, इन दोनों को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है।"
— एके कर्दम, जिलाध्यक्ष, बसपा, हापुड़
संगठन में सख्ती का संदेश
बसपा का यह सख्त कदम ज़िले में एक स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी आगामी चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संगठन को और अधिक मजबूत और अनुशासित बनाने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं।


