- भगवान महावीर के बताए पंचशील सिद्धांतों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प
हापुड़। नगर के लज्जापुरी स्थित 'अपना समाज' सामाजिक संगठन द्वारा अहिंसा के अवतार भगवान महावीर स्वामी की जयंती धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान महावीर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
प्रासंगिक हैं महावीर के सिद्धांत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जतिन आजाद ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने दुनिया को शांति और सद्भाव का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा, "महावीर स्वामी के पांच महाव्रत—अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य—आज के युग में भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी धर्म बुरा नहीं होता, हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। यही 'अनेकता में एकता' भारत की असली शक्ति है।
त्याग और साधना का मार्ग
संगठन के सदस्य एडवोकेट ललित कुमार ने भगवान महावीर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने मात्र 30 वर्ष की अल्पायु में राजसी सुख-सुविधाओं और परिवार का त्याग कर दिया था। 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई, जिसके माध्यम से उन्होंने पूरी दुनिया को त्याग, संयम और साधना का पाठ पढ़ाया।
समाज सुधार का लिया संकल्प
इस दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में भगवान महावीर के विचारों को अपने जीवन में अपनाने और समाज सुधार की दिशा में संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से नरेंद्र टेंट वाले, अनुज मंडी, अविनाश राणा, राज साब, पिंटू, राहुल, अभिमन्यु, संदीप, सचिन, सागर, अनुज, रोहित, राज, लक्की, बंटी, मनोज, अर्जुन आदि मौजूद रहें।



