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एमके टॉक में राम गोपाल यादव के बड़े दावे, चुनाव, क्रॉस-वोटिंग और ‘हैकिंग’ पर गरमाई सियासत

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में चुनावी प्रक्रिया, क्रॉस-वोटिंग और कथित राजनीतिक साजिशों को लेकर कई बड़े और विवादित दावे किए हैं। ये बयान उन्होंने एमके टॉक में बातचीत के दौरान दिए, जिसकी मेजबानी मोहसिन खान ने की।

पॉडकास्ट के दौरान राम गोपाल यादव ने चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह आधुनिक तकनीक के जरिए बैंकिंग सिस्टम में हस्तक्षेप संभव है, उसी तरह वोटिंग सिस्टम में भी छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने दावा किया कि तकनीक के दुरुपयोग से हजारों वोट प्रभावित हो सकते हैं और लगभग 40,000 वोटों तक बदलाव संभव है। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।

यादव ने ममता बनर्जी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर सीट पर उनकी संभावित हार की आशंका “पहले से की गई सेटिंग” का हिस्सा हो सकती है। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

उत्तर प्रदेश के चुनावों का जिक्र करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि मतदान से ठीक पहले एक पत्र वायरल किया गया था, जिस पर मायावती के हस्ताक्षर बताए गए थे।
इस पत्र में कथित तौर पर ‘गेस्ट हाउस कांड’ का उल्लेख कर भावनात्मक माहौल बनाने की कोशिश की गई थी।

राम गोपाल यादव ने अपनी ही पार्टी को लेकर चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नौ विधायकों ने कथित रूप से 15 करोड़ रुपये और आवासीय लाभ के लालच में पार्टी के खिलाफ क्रॉस-वोटिंग की।

एमके टॉक पर दिए गए इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विभिन्न दलों की ओर से इन दावों पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयानों से चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं, हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस सबूत सामने आना जरूरी है।

https://youtu.be/T0AJLN6tb7U?si=g2fDst_UgTXxdFwm