सड़क पर सांड ने मारी टक्कर, लहूलुहान हुई बीबीए की छात्रा; देवदूत बनकर पहुंचे दरोगा राहुल सिसोदिया ने बचाई जान
रिपोर्ट: अनुज सिंह
थाना पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में खाकी का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसने पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत कर दिया है। सड़क पर एक बेसहारा सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई बीबीए की एक छात्रा को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर एक दरोगा ने न सिर्फ उसकी जान बचाई, बल्कि समाज के सामने पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली और सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिलखुवा क्षेत्र की रहने वाली बीबीए की एक छात्रा रविवार को अपने निजी कार्य से कोतवाली क्षेत्र के मुख्य मार्ग से गुजर रही थी। वह जैसे ही बाजार के समीप पहुंची, तभी वहां घूम रहे एक खूंखार बेसहारा सांड ने अचानक उस पर जोरदार हमला बोल दिया। सांड ने छात्रा को हवा में उछालते हुए सड़क पर पटक दिया। सांड का हमला इतना खतरनाक था कि छात्रा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके सिर व शरीर से तेजी से खून बहने लगा। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद राहगीर और दुकानदार डर के मारे पीछे हट गए और कुछ समय के लिए तमाशबीन बने रहे। तड़पती हुई छात्रा की सुध लेने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था।
सूचना मिलते ही 'रॉकेट' की रफ्तार से पहुंचे दरोगा राहुल सिसोदिया
इसी बीच किसी जागरूक नागरिक ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पिलखुवा कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) राहुल सिसोदिया बिना एक पल गंवाए, अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंच कर दरोगा ने देखा कि छात्रा अत्यधिक खून बह जाने के कारण अचेत होने की स्थिति में थी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता और समय की कीमत को समझा। दरोगा राहुल सिसोदिया ने बिना झिझक के खुद आगे बढ़कर लहूलुहान छात्रा को सहारा दिया और तुरंत सरकारी तंत्र व एम्बुलेंस को एक्टिव किया। उन्होंने बिना समय गंवाए एम्बुलेंस के माध्यम से छात्रा को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया और डॉक्टरों को तुरंत इलाज शुरू करने को कहा।
समय पर इलाज न मिलता तो हो सकती थी अनहोनी
अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सकों के अनुसार, छात्रा के शरीर से काफी खून बह चुका था। डॉक्टरों का कहना है कि यदि पुलिस ने तत्परता न दिखाई होती और छात्रा को अस्पताल लाने में 10 से 15 मिनट की भी देरी हो जाती, तो अत्यधिक रक्तस्राव (खून बहने) के कारण उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। सही समय पर प्राथमिक उपचार और चिकित्सा मिलने के कारण अब छात्रा की स्थिति खतरे से बाहर और नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने छात्रा के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी, जिसके बाद बदहवास परिवार भी अस्पताल पहुंच गया।
स्थानीय जनता और व्यापारियों ने की दरोगा की जमकर सराहना
दरोगा राहुल सिसोदिया की इस त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और सूझबूझ की अस्पताल परिसर सहित पूरे पिलखुवा क्षेत्र की जनता और स्थानीय व्यापारियों में जमकर सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस कार्य के लिए पुलिस की पीठ थपथपा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अक्सर पुलिस की छवि को लेकर तरह-तरह की बातें की जाती हैं, लेकिन संकट के समय खाकी ने वास्तव में एक 'देवदूत' और सच्चे रक्षक की भूमिका निभाई है। उपनिरीक्षक राहुल सिसोदिया के इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि खाकी हमेशा आमजन की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर खड़ी है।


