मेरठ कांड में न्याय की मांग कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज के विरोध में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था बीएमपी का प्रतिनिधिमंडल
Report By: Nadeem Naqvi
हापुड़। मेरठ के बहुचर्चित ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे निर्दोष और निहत्थे लोगों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बहुजन मुक्ति पार्टी (बीएमपी) का आक्रोश फूट पड़ा है। मामले में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और एकजुटता प्रकट करने मेरठ जा रहे बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश कुमार एडवोकेट को पुलिस ने उनके आवास पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया।
बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल 16 जुलाई को पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ कूच करने वाला था। लेकिन पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुकेश कुमार एडवोकेट को उनके घर से बाहर निकलने नहीं दिया और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया।
मुकेश कुमार एडवोकेट ने हाउस अरेस्ट किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा मेरठ एसएसपी ने अपने पद और संवैधानिक अधिकारों का घोर दुरुपयोग किया है। अपने पदीय कर्तव्यों का पालन करने के बजाय, पुलिस प्रशासन ने न्याय मांग रहे निर्दोष और निहत्थे लोगों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया और उन पर हमला कर मारपीट की। यह लोकतंत्र की हत्या है।
बीएमपी नेता को नजरबंद किए जाने की खबर फैलते ही कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस प्रशासन दमनकारी नीतियों के बल पर न्याय की आवाज को दबाना चाहता है। बहुजन मुक्ति पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक अपना शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेगी।


