जेबें गर्म, सरकारी खजाना खाली: 'सुविधा शुल्क' के खेल से राजस्व को चपत
नियमों के मुताबिक किसी भी आवासीय या व्यावसायिक निर्माण से पहले प्राधिकरण से नक्शा पास कराना अनिवार्य है, जिसके एवज में सरकार को विकास शुल्क और अन्य टैक्स के रूप में बड़ा राजस्व मिलता है।
राजस्व की खुली चोरी: चमरी क्षेत्र में हो रहे इस निर्माण के लिए प्राधिकरण से कोई अनुमति नहीं ली गई है। सूत्रों की मानें तो विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जेबें गर्म कर शासन के खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया है।
आखिर क्यों मेहरबान है विभाग?: आम जनता अगर एक कमरा भी बिना नक्शे के बनाए तो प्राधिकरण का बुलडोजर और सीलिंग दस्ता तुरंत पहुंच जाता है, लेकिन चमरी क्षेत्र के इस मामले में पूरी तरह आंखें मूंद ली गई हैं। यह मेहरबानी साफ तौर पर साठगांठ की ओर इशारा करती है।
बड़ा सवाल: जब क्षेत्र के अवर अभियंता (JE) और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी अवैध निर्माण रोकने की है, तो उनकी नाक के नीचे शासन के राजस्व की यह चोरी कैसे फल-फूल रही है?
क्षेत्रवासियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि प्राधिकरण ने इस अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त या सील नहीं किया और शासन के राजस्व को चपत लगाने वाले दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर इसकी सीधी शिकायत दर्ज कराएंगे और एचपीडीए कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।


