कांवड़ियों के स्वागत के दौरान पूरा क्षेत्र भोलेनाथ की भक्ति में रंगा नजर आया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रताप सिंह चौहान ने कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनकी यात्रा की कुशलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर कठिन यात्रा पूरी कर रहे शिवभक्तों की सेवा और सम्मान करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, त्याग, अनुशासन और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को कांवड़ियों की सेवा और सुविधा के लिए आगे आना चाहिए।
इस मौके पर प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर कठिन यात्रा पूरी कर रहे शिवभक्तों की सेवा और सम्मान करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, त्याग, अनुशासन और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को कांवड़ियों की सेवा और सुविधा के लिए आगे आना चाहिए।
अंत में प्रताप सिंह चौहान ने बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना की कि सभी कांवड़िये सुरक्षित एवं सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचें और भगवान शिव सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली प्रदान करें।



